पूर्व बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा TMC में शामिल
कोलकाता
अब पार्टी को एक बड़ी कामयाबी मिली है, जहां पूर्व बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने टीएमसी ज्वाइन कर ली है। यशवंत अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी थे। साथ ही उनकी सरकार में केंद्रीय मंत्री के तौर पर लंबे वक्त तक काम किया था। पश्चिम बंगाल में चुनाव के ऐलान के पहले से ही जोड़-तोड़ की राजनीति जारी थी। पिछले साल ममता सरकार के करीबी रहे सुवेंदु अधिकारी ने बीजेपी का दामन थाम लिया, जिसके बाद से टीएमसी को झटके पर झटका लग रहा। 1960 के दशक में यशवंत सिन्हा ने बतौर IAS प्रशासनिक सेवा शुरू की। इसके बाद 1984 में उन्होंने नौकरी से इस्तीफा देकर राजनीति में कदम रखा। फिर अटल बिहारी सरकार में बतौर वित्त और विदेश मंत्री सेवा दी। वहीं जब से नरेंद्र मोदी की सरकार आई, तब से वो अपनी ही पार्टी पर निशाना साधने लगे। कई बार सार्वजनिक मंच से उन्होंने मोदी और अमित शाह की आलोचन की।
करीब तीन साल पहले उन्होंने बीजेपी से इस्तीफा देते हुए राजनीति से संन्यास की घोषणा की। उस दौरान उन्होंने कहा था कि भविष्य में वो किसी भी पद के लिए दावेदारी नहीं करेंगे। हाल ही में खबर आई थी कि वो बंगाल चुनाव के दौरान टीएमसी का साथ दे सकते हैं। इसी क्रम में शनिवार को वो कोलकाता स्थित टीएमसी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उनका जोरदार स्वागत हुआ। साथ ही उन्होंने पार्टी की सदस्यता ले ली। अब आगामी चुनाव के लिए वो बंगाल में टीएमसी का प्रचार करेंगे। हालांकि जशवंत सिन्हा के बेटे जयंत अभी भी बीजेपी से सांसद हैं। उन्होंने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त राज्यमंत्री के रूप में भी काम किया था।
वहीं टीएमसी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए यशवंत ने कहा कि अटल जी के समय में बीजेपी सर्वसम्मति में विश्वास करती थी लेकिन आज की सरकार कुचलने और जीतने में विश्वास करती है। अकालियों, बीजद ने बीजेपी छोड़ दी है। आज बीजेपी के साथ कौन खड़ा है? उन्होंने कहा कि जब नंदीग्राम में ममता बनर्जी पर हमला हुआ तो वो टिपिंग प्वाइंट था। उन्होंने उसी वक्त टीएमसी में शामिल होने और ममता का समर्थन करने का फैसला लिया।

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